लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे परवान चढ़ रहा है, वैसे-वैसे आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में तेज़ी देखने को मिल रही है। ताज़ा मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महाराष्ट्र की लातूर रैली से सामने आया है।

जहां पीएम मोदी ने आदर्श आचार संहिता का खुले तौर पर उल्लंघन करते हुए सेना और सेना की कार्रवाई के नाम पर वोट मांगा है। उन्होंने लातूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “संकल्प लीजिए, जो पहला वोट डालने जा रहे हैं, मैं पूछता हूं क्या आपका पहला वोट बालाकोट में एयर स्ट्राइक करने वाले वीर जवानों के नाम हो सकता है क्या? आपका पहला वोट पुलवामा में जो वीर शहीद हुए, उनके नाम समर्पित हो सकता है क्या”?

पीएम मोदी ने आगे कहा, “मैं फर्स्ट टाइम वोटर्स (First Time Voters) को कहना चाहता हूं कि आप 18 साल के हो गए हैं और आप अपना पहला वोट देश के लिए दीजिए। देश को मजबूत बनाने के लिए दीजिए, एक मजबूत सरकार बनाने के लिए दीजिए”।

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इस दौरान उन्होंने कांग्रेस को सेना विरोधी बताते हुए कहा, “कांग्रेस को देश की सेना से कितने सबूत चाहिए? वायु सेना से कितने सबूत चाहिए? अरे जिनको सरकार पर भरोसा नहीं है, अपने वीर जवानों पर भरोसा नहीं है, तो ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सजा देना जरूरी है”।

पीएम मोदी के इस बयान की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। विपक्षी नेताओं से लेकर पत्रकारों, समाजसेवियों और देश की कई मशहूर हस्तियों ने पीएम मोदी के इस बयान पर ऐतराज़ जताया है।

मशहूर सिंगर व कंपोजर विशाल ददलानी ने भी पीएम मोदी के इस बयान पर ट्विटर के ज़रिए आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने लिखा, “क्या उन्होंने “पुलगामा” कहा? क्या उन्होंने यह नहीं कहा था कि शहीद सैनिकों की लाशों पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए? तो अब क्या हुआ?

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विशाल ददलानी ने पीएम मोदी के बयान पर तंज़ कसते हुए कहा, “फर्स्ट टाइम वोटर्स को पूछना चाहिए कि कैसे 350 किलोग्राम विस्फोटक एक उच्च सुरक्षा वाले इलाके में पहुंच जाता है, और कैसे एक कार उच्च सुरक्षा वाले काफिले में शामिल हो जाती है”।

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