केरल में नौ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को आठ साल पहले आरएसएस के एक अन्य कार्यकर्ता, कदवूर जयन की हत्या के मामले में कोल्लम की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

कोल्लम के सेशंस कोर्ट के जज सुरेश कुमार सी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुनाया, क्योंकि दो दोषी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे।

गौरतलब है कि कोर्ट द्वारा सभी नौ दोषियों पर 71,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था, जो भुगतान करने में विफल रहे हैं, जिसके कारण उन्हें चार और साल जेल में बिताने पड़ेंगे। जुर्माने के तौर पर, कदवूर जयन की मां को 2 लाख रुपये और रघुनाथ पिल्लई को 25,000 रुपये दिए जाएंगे। जिनपर कदवूर जयन के साथ हमला हुआ था।

बताया जा रहा है कि नौ में से तीन अभियुक्तों को कोर्ट धारा 148 (दंगाई, घातक हथियार से लैस) के तहत सजा नहीं दी गई है क्योंकि उन्होंने उस दौरान हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया था।

आपको बता दें कि 7 जनवरी, 2012 को कोल्लम में अपने घर के पास कदावूर जयन की 9 आरएसएस कार्यकर्ताओं ने चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। कदवूर के शरीर पर 50 घाव थे। जिन नौ दोषियों विनोद, गोपकुमार, सुब्रह्मण्यन, प्रियराज, प्रणव, अरुण, रजनीश, दिनराज और शिजू को सजा सुनाई गई है उनमें से आठ कदवूर के हैं।

इस मामले में वकील और एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर इस खबर को शेयर किया है। उन्होंने आरएसएस पर तंज कसते हुए लिखा- “केरल में 9 आरएसएस कार्यकर्ताओं को एक और आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। कदवूर जयन को कोल्लम में उनके घर के पास चाकू मार दिया गया, जबकि उनके बहनोई रघुनाथ पिल्लई पर भी हमला किया गया।” स्वतंत्रता सेनानी?!

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