कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी पर रिश्वत देकर वोट खरीदने का आरोप लगाया है। प्रियंका ने आरोप लगाया है कि अमेठी में बीजेपी ने ग्राम प्रधानों को 20-20 हज़ार रूपए रिश्वत दी है।

उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने अमेठी के लोगों के लिए अपना सब कुछ समर्पित किया है। भगवा दल को ये गलतफहमी है कि वो पुश्तों से चले आ रहे प्रेम और सच्ची राजनीति की मिसाल को इतनी रकम में खरीद लेंगे।

प्रियंका ने एक नुक्कड़ सभा में कहा, ‘प्रचार करने का ये तरीका गलत है। पैसा बंट रहा है। कांग्रेस तो जनता के बीच अपना घोषणापत्र बांट रही है। लेकिन बीजेपी घोषणापत्र के बजाए ग्राम प्रधानों को 20 हजार रुपए भेज रही है।’

अमेठी को कांग्रेस का गड कहा जाता है। प्रियंका ने यहां अपनी पुश्तों की मिसाल दी। उन्होंने कहा, ‘मै लिफ़ाफ़े में घोषणापत्र भेज रही हूं और बीजेपी वाले लिफाफे में 20000 रूपए डालकर भेज रहे हैं। ये हंसी की बात है कि उन्हें लगता है 20000 में अमेठी का प्रधान बिक जाएगा।’

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उन्होंने अमेठी से बीजेपी प्रत्याशी स्मृति ईरानी को भी आड़े हांथों लिया और उनके काम की तुलना पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से की। उन्होंने कहा, ‘स्मृति, आप के क्षेत्र में नाटक कर रही हैं। वह खुद 16 बार अमेठी आई हैं जबकि आपके सांसद राहुल गांधी उनसे दोगुनी बार यहां आए हैं।

स्मृति देश भर की मीडिया बुलाकर यहां के लोगों में जूतों का वितरण कर देती हैं। ये आपका अपमान करना चाहती हैं कि अमेठी के लोगों के पास जूते नहीं हैं। वह पूरी तरह नासमझ हैं, यह जान नहीं पाई हैं कि अमेठी की जनता क्या है।’

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प्रियंका यहीं नहीं रुकी। स्मृति के बाद प्रियंका ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने यहां सरकार की नाकामियों पर बात की। प्रिंयंका ने कहा, ‘किसे मिले 15 लाख रुपए? दो करोड़ रोजगार कहे थे, किसको मिला रोजगार? किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात कही थी।

मैं पूरे यूपी में घूम रही हूं, जहां भी जाती हूं, पता चलता है कि किसान को उपज का दाम नहीं मिलता। किसान कर्ज में डूब रहा है। अब तक 12 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं। आपकी फसल बीमा के प्रीमियम के कुल 10 हजार करोड़ रुपए बड़े-बड़े उद्योगपतियों की जेब में जा चुके हैं।’

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