सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को सीबीआई से हटाकर फायर सेफ्टी विभाग का डीजी बनाया गया है। ये फैसला पीएम नरेंद्र मोदी, जस्टिस सीकरी और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हुई बैठक में लिया गया है। वहीँ अब इस मामले पर पक्ष से लेकर विपक्ष के नेता आलोक वर्मा के तबादले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहें है।

इस मामले पर पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने मोदी सरकार पर तंज करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा- आलोक वर्मा को डीजी फायर सर्विस का अहम पद दिया गया, उन्हें खुश होना चाहिए।

अब अस्थाना को निदेशक के पद पर ले आइये। तब जाकर ये न्याय की प्रक्रिया पूरी होगी जिसने संस्थानों को बर्बाद कर दिया दिया जिंदाबाद।

गौरतलब हो कि सिलेक्ट कमेटी में शामिल कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस ट्रांसफर पर सवाल उठाए हैं, उन्होंने कहा कि सेलेक्ट कमिटी की मीटिंग से पहले ही ट्रांसफर का फैसला ले लिया गया था।

बता दें कि इससे पहले 77 दिन बाद सीबीआई मुख्यालय पहुँचे सीबीआई चीफ़ ने उनकी ग़ैरमौजूदगी में किए गए सारे ट्रांसफ़र कैंसल कर दिए। ये सारे ट्रांसफ़र ऑर्डर एम नागेश्वर राव ने दिए थे। जो वर्मा की ग़ैरमौजूदगी में सीबीआई के अंतरिम निदेशक बनाए गए थे।

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सीबीआई चीफ़ ने आज 10 जनवरी को अपने ऑफ़िस के दूसरे दिन ताबड़तोड़ पाँच अधिकारियों के तबादले भी किए हैं।

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