India China
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केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार चीनी सैनिकों को वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से पीछे हटाने में नाकाम रही है। ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़, पूर्वी लद्दाख छेत्र में चीन ने करीब 40 हज़ार सैनिकों कि तैनाती जारी रखी है।

जिन इलाकों में चीनी सैनिकों की तैनाती देखी गई है, वो
डेपसांग प्लेन्स क्षेत्र, गोगरा और पैंगोंग लेक के करीब फिंगर एरिया हैं। बताया जा रहा है कि इन इलाकों में चीनी सैनिकों के पास एयर डिफेंस सिस्टम और हथियारों से लदे वाहन मौजूद हैं। इसके अलावा चीन ने अंदरूनी इलाकों में लंबी मारक क्षमता वाले हथियार भी इकट्ठा कर रखे हैं।

इससे पहले सरकार ने दावा किया था कि चीन इन इलाकों से अपनी सेना हटाने के लिए राज़ी हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के ज़रिए ये बात सामने आई थी कि दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर की कई वार्ताओं के बाद दोनों देशों के बीच LAC से सेनाओं को पीछे हटाने पर सहमति बन गई है।

हालांकि इस बातचीत के बाद गलवान, हॉट स्प्रिंग्स और पैंगोंग लेक के नजदीक फिंगर एरिया में कुछ जगहों पर दोनों सेनाएं पीछे हटती तो दिखीं, लेकिन गोगरा और डेपसांग प्लेन्स में चीन की तरफ से ऐसा कोई मूवमेंट नहीं देखने को मिला।

ऐसा माना जा रहा है कि चीन फिलहाल फिंगर-5 से पीछे नहीं हटना चाहता। उसने मई से ही पैंगोंग सो से सटी पहाड़ियों पर फिंगर-8 से लेकर फिंगर-5 तक का इलाका घेरा है। यह क्षेत्र दोनों ही देशों के बीच विवाद का हिस्सा है।

बता दें कि पूर्व लद्दाख क्षेत्र में चीनी सैनिकों का स्थायी ठिकाना सिरी जाप है। जो कि अक्साई चीन में आता है। लेकिन अब चीनी सैनिक आगे आ गए हैं और फिंगर-5 के पास ऑब्जर्वेशन पोस्ट बनाना चाहते हैं। इसी तरह उन्होंने हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा पोस्ट क्षेत्रों में इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर का निर्माण किया है, यह दोनों जगह पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में तनाव के अहम बिंदु हैं।

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