EVM विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि हर विधानसभा क्षेत्र के पांच पोलिंग बूथों के परिणामों का VVPAT मशीनों की पर्चियों के साथ मिलान किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश की लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने आलोचना की है।

आरजेडी ने ट्वीट कर एक विधानसभा के केवल पांच बूथों की पर्चियों के मिलान को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से एक क्रूर भद्दा मजाक करार दिया है।

आरजेडी ने ट्वीट किया है, “एक विधानसभा में सिर्फ़ 5 बूथों पर VVPAT पर्चियों का मिलान मतलब लोकतंत्र की आत्मा को ही मन मुताबिक हैक, प्रोग्राम या बदल ही डालने की आज़ादी! लोकतांत्रिक प्रक्रिया के नाम पर एक भद्दा क्रूर मज़ाक! मानो लोकतंत्र की अवधारणा पर ही तानाशाही मंसूबे पालने वालों ने थूक दिया हो! ”

6.75 लाख ईवीएम की वीवीपैट पर्चियों से मिलान की थी मांग

21 राजनीतिक दलों ने लगभग 6.75 लाख ईवीएम की वीवीपैट पर्चियों से मिलान की मांग की थी। इन विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि 50 फीसदी ‘वीवीपैट’ पर्चियों की गिनती किए जाने पर लोकसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा में छह दिनों की देर होने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि यह कोई ‘गंभीर विलंब’ नहीं है, बशर्ते कि यह चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता सुनिश्चित करती हो। आपको बताते चलें कि चुनाव आयोग अभी तक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केंद्र और लोकसभा चुनाव में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र में इस प्रकिया का पालन करता था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब हर विधानसभा क्षेत्र के पांच बूथों पर ईवीएम-वीवीपैट का औचक मिलान करना होगा।

अभी तक चुनाव आयोग 4 हजार 125 ईवीएम और वीवीपैट के मिलान कराता था, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद अब 20 हजार 625 ईवीएम और वीवीपैट का मिलान किया जाएगा।

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