उत्तर प्रदेश में खनन घोटाले मामले में सीबीआई ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से पूछताछ करने की बात कही है। सीबीआई द्वारा अखिलेश यादव को घेरे जाने पर विपक्षी दल के नेताओं ने ऐतराज़ जताया है।

विपक्षी दल के नेताओं का कहना है कि केंद्र की मोदी सरकार राजनीतिक विद्वेष में विपक्षियों के खिलाफ़ सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी सीबीआई का इस्तेमाल कर सपा-बसपा के गठबंधन को रोकना चाहती है।

बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली में अखिलेश यादव और मायावती के बीच हुई बैठक के बाद समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन तय हो गया है।

सपा-बसपा के गठबंधन की ख़बरों से BJP बौखला गई है, इसलिए अखिलेश के ख़िलाफ CBI का इस्तेमाल कर रही हैः मायावती

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सीटों के बंटवारे को लेकर भी बात तय हो चुकी है। दोनों पार्टियों के बीच हुए इस गठबंधन की खबरों के बाद ही सीबीआई ने अखिलेश यादव पर शिकंजा कसा है। जिसको लेकर सवाल उठ रहे हैं।   

संजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा, “CBI का तोता मालिक के आदेश पर अखिलेश यादव का पीछा करने की तैयारी में है लेकिन अपने आका के बेटे जय शाह का घर तोता भूल गया,  सपाई-बसपाई गठबंधन रोकने लिये भाजपाई-सीबीआई गठबंधन सक्रिय”।

बता दें कि ख़ुद अखिलेश यादव और मायावती भी अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कह चुके हैं बीजेपी सीबीआई का दुरुपयोग कर सपा-बसपा के बीच हुए गठबंधन को रोकना चाहती है।

बता दें कि 2012 से 2016 के बीच राज्य में कथित खनन घोटाला मामले में सीबीआई ने 5 जनवरी को लखनऊ में आईएएस अधिकारी बी चंद्रकला के घर पर छापा मारा था।

IAS बी. चंद्रकला की संपत्ति दोगुना होने पर छापा मारने वाली CBI अमित शाह के बेटे की संपत्ति पर चुप क्यों?

सीबीआई ने बुंदेलखण्ड में अवैध खनन के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर चंद्रकला समेत 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।

तब अखिलेश यादव के पास खनन मंत्री का भी प्रभार था। सीबीआई ने कह चुकी है कि उस दौर में जो भी जिम्मेदार मंत्री थे, उनकी भूमिका की जांच होगी।

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