मोदी सरकार में बेरोजगारी का आंकड़ा बढ़ता चला जा रहा है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) की ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि रोजगार के मामले में युवाओं के लिए पिछला साल खासा बुरा रहा।

साल 2018 में करीब 1.10 करोड़ भारतीयों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार भारत में साल 2018 में बेरोजगारी की दर 7।4 फीसदी थी। जोकि 15 महीने में सबसे अधिक है।

हालाकिं पीएम मोदी ने लोकसभा चुनावों के वक़्त कहा था कि हर दो करोड़ लोगों को रोजगार दिए जायेगा मगर रोजगार देना तो दूर की बात नोटबंदी और जीएसटी के कारण कई युवाओं को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।

CMIE रिपोर्ट: 1.1 करोड़ लोगों की नौकरी गई, कांग्रेस बोली- इसीलिए आंकड़े छुपा रहे थे मोदी

मोदी राज में बढ़ती बेरोजगारी पर आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि वादा था 2 करोड़ रोज़गार देने का लेकिन एक साल में 1 करोड़ 10 लाख रोज़गार चला गया।

पकौड़ा योजना के बाद ये सरकार की “कटोरा योजना” है, भाइयों और बहनो भीख माँगना रोज़गार है कि नही है हर घर को एक-एक कटोरा मिल जायेगा।

बता दें कि अब आए सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) की रिपोर्ट में ऐसा दावा किया  गया है कि कमजोर समूहों से संबंधित व्यक्तियों को 2018 में नौकरी के नुकसान से सबसे ज्यादा प्रभावित होना पड़ा।

रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि देश में बेरोजगारी की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

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