लोकसभा चुनाव से ठीक पहले BJP को अपना सियासी किला ढ़हता नज़र आ रहा है। जिसे बचाने के लिए वो संकट मोचक भगवान हनुमान का सहारा ले रही है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदान से महज़ दो दिन पहले एक बार फिर भगवान हनुमान को याद किया। उन्होंने हिंदू वोटरों को अपनी ओर खींचने के लिए BJP को भगवान हनुमान वाली पार्टी बताया और विपक्षियों को ‘अली’ वाली पार्टी का तमगा दे दिया।

उन्होंने मंगलवार को हापुड़ के सिसौली गांव में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘देवबंद रैली में मायावती ने कहा था कि उन्हें मुस्लिम वोट चाहिए। मैं कहना चाहता हूं कि अगर एसपी-बीएसपी और कांग्रेस को अली पर भरोसा है तो हमें भी बजरंगबली पर भरोसा है। वे इसबात को मान चुके हैं कि बजरंगबली के अनुयायी उन्हें कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।’

EC और BJP ईवीएम का समर्थन कर रहे हैं, क्या 23 मई को लोकतंत्र EVM से चोरी होने वाला है?

बता दें कि चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से प्रचार अभियान के दौरान जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र आदि के नाम पर ऐसी भावनात्मक अपील करने से बचने को कहा है, जिससे समाज में भेदभाव और तनाव फैलता हो।

योगी आदित्यनाथ ने अपनी रैली में चुनाव आयोग के निर्देश की धज्जियां उड़ाते हुए कहा कि हिंदुओं के पास भारतीय जनता पार्टी के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है, देश में दलित-मुस्लिम एकता संभव नहीं है।

नोटबंदी में BJP ने किया था बड़ा घोटाला! अमित शाह ने कमीशन लेकर बदलवाए करोड़ों के पुराने नोट

उन्होंने कहा कि विभाजन के वक्त दलित नेताओं के साथ पाकिस्तान में किस तरह का बर्ताव हुआ, ये पूरी दुनिया ने देखा। उन्होंने कहा कि जब योगेश मंडल ने पाकिस्तान में दलितों पर अत्याचार देखा तो वह वापस भारत आ गए थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here