सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज की एक रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है कि, भारतीय जनता पार्टी ने इस लोकसभा चुनाव में 27,000 करोड़ रुपए खर्च किया है। ये पैसा पूरे चुनाव में खर्च हुए 60,000 करोड़ का 45% फीसद है जो BJP के हिस्से में है। यही नहीं बीजेपी ने 2014 लोकसभा चुनाव से इस चुनाव में ज्यादा पैसा खर्च किया है।

इतनी बड़ी रकम चुनावों में अकेले खर्च किए जाने पर समाजवादी के नेता सुनील सिंह यादव ने BJP पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सुनील ने ट्वीट करके कहा है कि, “भाजपा ने इस चुनाव में 27 हज़ार करोड़ रुपए खर्च किए। एक राजनीतिक दल के पास इतने पैसे कहां से आए? क्या BJP को इसका हिसाब नहीं देना चाहिए?

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उन्होंने आरोप लगाया कि, क्या विजय माल्या, मेहुल चौकसी और नीरव मोदी जैसे लुटेरों को विदेश भगाने की यह फीस वसूली गई है?

बता दें कि 2019 का लोकसभा चुनाव अबतक का सबसे महंगा चुनाव था। सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज के मुताबिक BJP ने 1998 के लोकसभा चुनाव में पूरे चुनावी खर्च का 20 प्रतिशत खर्च किया था। लेकिन इस चुनाव में उसने 45 पतिशत पैसा खर्च किया है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने 2019 चुनाव में मात्र 15 से 20 प्रतिशत ही पैसा खर्च किया है। कांग्रेस ने 2009  लोकसभा चुनाव में 40% पैसा खर्च किया था।

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ये रिपोर्ट क्षेत्र अध्ययन और विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई है। इसके मुताबिक बीजेपी ने 700 रुपए हर वोटर पर खर्च किया। हर संसदीय क्षेत्र में 100 करोड़ रुपए खर्च किया गया। 12,000 से 15,000 करोड़ रुपए सीधे मतदाताओं को बांटे गए। जबकि 20,000 से 25,000 करोड़ प्रचार-प्रसार पर बीजेपी ने खर्च किए।

इस रिपोर्ट के अनुसार 2019 लोकसभा चुनाव में मुख्य तौर पर पैसा कॉर्पोरेट फंडिंग से आया है। क्राउड फंडिंग एक ऐसा तरीका है जिसमें नागरिक और समाज के लोग किसी कैम्पेन  के लिए अपनी तरफ़ से योगदान देते हैं। लेकिन अब ये तरीका ज़्यादा इस्तेमाल नहीं किया गया है।

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