सुप्रीम कोर्ट में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले की सुनवाई जारी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 7 फरवरी की सुबह कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बिहार सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने साफ कहा है कि हम सरकार नहीं चला रहे है लेकिन हम ये जानना चाहते हैं कि आप कैसे सरकार चला रहे हैं?

कोर्ट ने बिहार सरकार को दो बजे तक का वक्त दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम मुश्किल सवाल पूछेंगे, इसलिए सरकार के पास जो भी जानकारी है इक्ट्ठा कर ले। अगर जवाब नहीं मिला तो दिल्ली से पटना दो घंटे का रास्ता है, हम चीफ सेक्रेटरी को कोर्ट में खड़ा कर सकते हैं।

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जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि जिन लोगों ने भी यह किया है वो सजा से बच नहीं पाएंगे। कोर्ट ने CBI टीम की निगरानी कर रहे ज्वाइंट डायरेक्टर शर्मा के ट्रांसफर पर भी सवाल उठाया है और नाराजगी जताई है। कोर्ट के बिना अनुमति ट्रांसफर क्यों किया गया इसका जवाब केंद्र सरकार कोर्ट में देगी।

गोगोई ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप बच्चों के साथ इस तरह का बर्ताव करते हैं।

शेल्टर होम मामले को लेकर लगातार नीतीश सरकार पर निशाना साधने वाले बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कोर्ट की फटकार के बाद नीतीश कुमार को बलात्कारियों का संरक्षक बताया है।

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तेजस्वी ने ट्वीट किया है कि ‘मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम मामले में बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार। नीतीश जी की अंतरात्मा गंगा में डूब बंगाल की खाड़ी में समाहित हो गयी है। इतनी कड़ी टिप्पणी के बाद भी CM चुप्पी साधे हुए है। नीतीश जी बलात्कारियों के असल संरक्षक है। मधुबनी शेल्टर होम भी इनके ख़ास का है।’

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