लोकसभा चुनाव के करीब आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर ख़ुद को चाय वाला बताना शुरु कर दिया है। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने नॉर्थ बंगाल से अपना रिश्ता चाय की बुनियाद पर बताया।

उन्होंने कहा कि नॉर्थ बंगाल से उनका एक खास रिश्ता है और वो रिश्ता चाय का रिश्ता है। उन्होंने जलपाईगुड़ी के लोगों से कहा कि आप चाय उगाने वाले हैं और मैं चाय बनाने वाला हूं। पीएम मोदी भले ही अपनी रैलियों में ख़ुद को चाय वाला बताते हों। लेकिन उनके करीबी इस बात से इत्तेफाक़ नहीं रखते।

अभी हाल ही में पीएम मोदी के पुराने साथी रहे विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने यह दावा किया था कि पीएम मोदी ने अपने पूरे जीवन में कभी चाय नहीं बेची।

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उन्होंने कहा था कि वह नरेंद्र मोदी को बचपन से जानते हैं, उन्होंने चाय कभी नहीं बेची। वह राजनीतिक फायदे के लिए ख़ुद को चायवाला बताते हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के चाय वाले बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव के समय पीएम चाय वाले हो जाते हैं और उसके बाद राफेल वाले बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी ग़रीब नहीं हैं, वह पैसे के दम पर पीएम बने हैं।

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वहीं ममता बनर्जी की तर्ज़ पर ही पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने भी पीएम मोदी के इस बयान को लेकर उनपर कटाक्ष किया। उन्होंने ट्विटर के ज़रिए कहा, “हां हम सब जानते हैं। आगे बढ़ते हैं। राफेल डील के साथ रिश्ते के बारे में भी हमें बताएं”।

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