उत्तर प्रदेश के हाथरस में जघन्य गैंगरेप की शिकार हुई 19 वर्षीय दलित लड़की की आज दिल्ली के एम्स में मौत हो गई।

युवती के साथ गैंगरेप एक हफ्ते पहले 14 सितंबर हुआ था। लेकिन योगी की पुलिस शुरू में इस केस में लीपापोती करती रही। गंभीर अवस्था होने के बावजूद युवती को किसी बड़े अस्पताल में भर्ती नहीं करवाया गया।

अंततः भारी दवाव के बाद 21 सितंबर को युवती को अति गंभीर हालात में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

भाजपा नित योगी आदित्यनाथ के रामराज्य में बच्ची से लेकर युवतियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्हें भाजपा की सरकार सुरक्षा नहीं दे पा रही, लेकिन एक अभिनेत्री कंगना को ट्वीट-ट्वीट खेलने पर मोदी सरकार ने Y+ सुरक्षा दे दी!

अब सवाल उठने लगा है कि, कंगना रनौत को वाई प्लस (Y+) सिक्योरिटी मिल सकती है, लेकिन हाथरस की बेटी को एयर एंबुलेंस तक नहीं मिली।

कंगना के पक्ष में बीजेपी के आईटी सेल ने नेशनल ट्रेंड करवाया। कंगना की आवाज़ में आवाज़ मिलाई, मगर दलित युवती गुड़िया के पक्ष में बीजेपी आईटी सेल से एक आवाज़ तक नहीं निकल रही।

यहां तक कि कोई राष्ट्रवादी पत्रकार जो कंगना और पायल घोष के राजनीतिक एजेंडे में सुर में सुर मिला रहे हैं। महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे की सरकार को न जाने क्या-क्या नहीं कहा।

यही राष्टवादी पत्रकार यूपी में हुए इस गैंगरेप के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार पर एक सवाल तक नहीं पूछ रहे! ऐसा क्यों है? शायद उत्तर प्रदेश में भाजपा की योगी सरकार है!

बता दें कि युवती से चार लोगों ने दुष्कर्म किया था। हालत बिगड़ने के बाद उसे सोमवार शाम को राष्ट्रीय राजधानी के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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