कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में भारत में तब्लीगी जमात को कोरोना फ़ैलाने का जिम्मेदार ठहराया गया था. देश का स्वास्थ्य मंत्रालय, मीडिया, दिल्ली की सरकार, मध्यप्रदेश सहित बीजेपी की अन्य सरकार सभी देश की जनता को बरगलाने में सफल रहे.

यहां लिबरल तबका भी जमातियों को कोरोना फैलाने का जिम्मेदार बता रहे थे. इन लोगों के पुराने पोस्ट देख लीजिए.

दरअसल इस बहाने एक धर्म को ही कोरोना फैलाने का जिम्मेदार ठहरा दिया गया. एक तरह की साजिश रची गई. लेकिन अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बहुत ही कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एक फैसले में 29 विदेशी नागरिकों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द कर दिया। ये सभी तब्लीगी जमात से जुड़े थे।

कोर्ट ने कहा कि इन्हें बलि का बकरा बनाया गया। इस फैसले से ब्लैकलिस्ट किये गए 900 जमातियों को भी राहत मिलेगी।

इन्हें कोरोना फैलाने का जिम्मेदार बताया गया था. कोर्ट का यह फैसला मोदी सरकार के मुंह पर तमाचा है जो धर्म विशेष का आड़ लेकर देश के लोगों को कोरोना पर गुमराह कर रहे थे।

(ये लेख विक्रम सिंह चौहान के फेसबुक वॉल से साभार लिया गया है)

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