बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और शिवसेना के बीच चल रहे विवाद ने अब विकराल रूप धारण कर लिया है। कल बीएमसी की एक टीम ने कंगना के बंगले के कुछ हिस्सों पर तुड़वा दिया। जिसे बीएमसी ने जिन्हें वो अवैध तरीक़े से किया गया बदलाव करार दिया था।

आपको बता दें कि कल कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश से मुंबई वापस लौट आई है। जिसके बाद उन्होंने शिवसेना पर तीखा हमला बोलते हुए एक बार फिर मुंबई को पीओके करार दे दिया।

शिवसेना के साथ चल रही इस लड़ाई में कंगना को भारतीय जनता पार्टी की तरफ से पूरा समर्थन मिल रहा है। कंगना फिल्म इंडस्ट्री में ऐसी पहली अभिनेत्री है। जिन्हें मोदी सरकार द्वारा वाई प्लस सिक्योरिटी दी गई है।

इस मामले में कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कंगना रनौत के हवाले से मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने एनडीटीवी की एक खबर को शेयर करते हुए लिखा कि “48000 घरों को तोड़ने का आदेश आया है, किसी को कोई फर्क़ नहीं पड़ता। अमीरों के 5 में से 1 मकान के किसी अवैध हिस्से भी एक ईंट हटा दो तो पूरे मीडिया, पूरी भाजपा परेशान हो जाती है।”

गौरतलब है कि कंगना और शिवसेना की लड़ाई में भाजपा अपना राजनीतिक फायदा देख रही है। इसी के चलते मोदी सरकार और गोदी मीडिया लगातार कंगना का समर्थन कर रहे हैं।

यह कहना गलत नहीं होगा कि खुद को गरीबों का नेता बताने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में देश के पूंजीपति और अमीर लोग खूब प्रफुल्लित हो रहे हैं। जबकि गरीब लोग गरीबी के सबसे निचले स्तर के साक्षी बन रहे हैं।

अगर यही अभिनेत्री कंगना की जगह किसी गरीब के घर को तोड़ा गया होता तो भी क्या सरकार इसी तरह से उसकी मदद के लिए आगे आती। ये एक बड़ा सवाल है। क्यूंकि 48000 घरों को तोड़ने का आदेश आया है, किसी को कोई फर्क़ नहीं पड़ता।

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