बनारस को ‘क्योटो’ बना दुनिया में बड़ा मुकाम दिलाने का पीएम मोदी का सपना भले ही साकार नहीं हुआ लेकिन एक अन्य मामले में मोदी का बनारस दुनिया में तीसरा मुकाम हासिल कर लिया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 15 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों की सूची में मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी को प्रदूषण के मामले में तीसरा स्थान दिया है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार सौंदर्यीकरण और आधार भूत संरचना के विकास के कारण वाराणसी की वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है। डब्ल्यूएचओ की इस सूची में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली छठे स्थान पर है।

15 प्रदूषित शहरों की सूची में 14 शहर भारत के

”पोलिटिकल लीडर्स पोजिशन एंड एक्शन और एयर क्वालिटी इन इंडिया 2014-19” में यह जानकारी दी गयी है। इस रिपोर्ट को ‘क्लाइमेट ट्रेंड्स’ ने जारी किया है। इसमें कहा गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की 15 प्रदूषित शहरों की सूची में 14 शहर भारत के हैं और इनमें से चार उत्तर प्रदेश के शहर हैं।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि वाराणसी में सांस की बीमारी और एलर्जी के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसका कारण शहर में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार साल 2017 में वाराणसी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 490 तक पहुंच गया था जो खतरनाक है। दिसंबर 2018 में यह 384 था जो बहुत खराब श्रेणी में आता है।

कानपुर दुनिया में सबसे अधिक प्रदूषित शहर

उत्तर प्रदेश का कानपुर दुनिया में सबसे अधिक प्रदूषित शहर है और सूची में यह प्रथम स्थान पर है। इसके बाद हरियाणा का फरीदाबाद प्रदूषित शहरों की सूची में दूसरे स्थान पर है और वराणसी तीसरे स्थान पर है।

वहीं बिहार का गया चौथे व पटना पांचवे स्थान पर हैं और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली छठे स्थान पर है। वहीं जबकि यूपी की राजधानी लखनऊ सातवें, आगरा, मुजफ्फरपुर,  श्रीनगर, गुरूग्राम, जयपुर, पटियाला और जोधपुर इस सूची में हैं।

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