sonia gandhi
Sonia Gandhi

प्रवासी मज़दूरों से घर वापस जाने के लिए वसूले जा रहे ट्रेन किराए को लेकर केंद्र की मोदी सरकार घिरती नज़र आ रही है। कांग्रेस ने सरकार के फैसले पर ऐतराज़ जताते हुए जरूरतमंद मजदूरों के रेल टिकट का खर्च उठाने का ऐलान किया है।

ये ऐलान खुद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने किया है। उन्होंने सोमवार को बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक और कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी और जरूरी कदम उठाएगी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि शॉर्ट नोटिस पर लॉकडाउन लागू करने की वजह से मज़दूरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन लागू होने की वजह से देश के मजदूर अपने घर वापस जाने से वंचित रह गए। 1947 के बाद देश ने पहली बार इस तरह का मंजर देखा जब लाखों मजदूर पैदल ही हजारों किलोमीटर चलकर घर जा रहे हैं।

उन्होंने मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते सवाल किया कि जब विदेशों से भारतीयों को निशुल्क लाया जा सकता है, गुजरात में एक कार्यक्रम में ट्रांसपोर्ट और खाने पीने में 100 करोड़ रुपये खर्च किया जा सकता है, रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री के कोरोना फंड में 151 करोड़ रुपये दे सकता है तो फिर श्रमिकों के किराए का खर्चा क्यों नहीं उठा सकता?

सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने मेहनतकश श्रमिकों व कामगारों की इस निशुल्क रेलयात्रा की मांग को बार बार उठाया है। दुर्भाग्य से न सरकार ने एक सुनी और न ही रेल मंत्रालय ने। इसलिए, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी व इस बारे जरूरी कदम उठाएगी। मेहनतकशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के मानव सेवा के इस संकल्प में कांग्रेस का यह योगदान होगा।

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