देश में बढ़ रही बलात्कार की घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि मोदी राज में हमारे देश की बच्चियां और महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं।

दरअसल बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का नारा लेकर आई भाजपा सरकार के कार्यकाल में महिला अपराध पहले से कई गुना ज्यादा बढ़ गया है।

खास तौर पर अगर बात की जाए उत्तर प्रदेश की तो राज्य से आए दिन महिला अपराध से जुड़ी कोई ना कोई खबर सामने आती ही रहती है।

शुक्रवार को लखीमपुर खीरी के थाना ईसानगर क्षेत्र अंतर्गत गन्ने के खेत में 13 साल की बच्ची का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। 13 साल की बच्ची के साथ रेप कर दरिंदों ने उसकी दोनों आंखें फोड़ डाली।

दरअसल थाना ईसानगर क्षेत्र के एक गांव की 13 वर्षीय लड़की दोपहर 2 बजे खेतों की तरफ गई थी लेकिन शाम तक घर वापस नहीं आई। जिससे चिंतित होकर परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। खोजबीन में घर से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर स्थित एक खेत में लड़की का शव मिला जिसे देखकर पूरे इलाके में कोहराम मच गया।

इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा है कि “लखीमपुर खीरी में 13 साल की नन्हीं बच्ची के साथ हुई बर्बरता पर भी आज प्रशासन चुप है क्योंकि बलात्कार महज़ एक अखबार की खबर बनकर रह गए हैं। नाम बदलते हैं, हालात नहीं। छोटी सी बच्ची के साथ बलात्कार कर उसकी आंखें नोच ली, जीभ काटकर उसे मार दिया। क्या गलती थी इस बच्ची की?”

स्वाति मालीवाल के इस ट्वीट पर अपनी राय रखते हुए एक यूज़र ने लिखा कि उसकी गलती यह थी कि उसने एक कानूनहीन देश मे जन्म लिया था। हमारे देश मे इस तरह की घटनाएं अब बहुत ही आम हो चुकी. हमारी सरकार का अपराधो के प्रति कानून सुधार का कोई ध्यान नही है। इंसान का जीवन एक लॉटरी-सिस्टम की तरह बन चुका है जो अपराधियों के हाथ से बच गया. तो समझो वह खुशकिस्मत है।

वहीँ एक अन्य यूज़र ने देश के प्रधानमत्री मोदी को टैग करते हुए सवाल किया है कि हैवानियत का ये नाच कभी बंद हो पायेगा महोदय ? अब ये मत कहियेगा की थालियां बजा कर “बेटी बचाओ” और मोमबत्तियां जला कर “बेटी पढ़ाओ” …. हर वहशी दरिंदे पर तत्काल “सर्जिकल स्ट्राइक” ही इस घृणित बीमारी का एकमात्र उपचार है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here