बीते कुछ वक्त से लद्दाख में भारत चीन सीमा पर दोनों देशों के बीच लगातार तनाव चल रहा है। दूसरी तरफ नेपाल भी भारत के कुछ हिस्सों पर अपना कब्जा जमाने की कोशिश में लगा हुआ है। इसी बीच खबर सामने आ रही है कि चीन ने भी लिपुलेख के पास अपनी सेना को तैनात कर दिया है।

गौरतलब है कि भारत चीन नेपाल को लाल आंखें दिखाने का दावा जरूर कर रहा है लेकिन यह दोनों देश भारत के इस दावे की सच्चाई उजागर कर रहे हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने उत्तराखंड में लिपुलेख के नजदीक पीएलए की एक बटालियन को तैनात कर दिया है। बताया जा रहा है कि यहाँ पर चीन के सैनिक नजर आए हैं। लद्दाख पर एलएसी के बाद अब लिपुलेख में भी चीनी सैनिकों की तैनाती साफ तौर पर यह दर्शा रही है कि चीन लद्दाख से अपनी सेना को हटाने का गलत दावा कर रहा है।

बताया जा रहा है कि लिपुलेख में चीन ने सेना की एक बटालियन को तैनात किया है। जिसमें हजार सैनिक है। दूसरी तरफ चीन को जवाब देने के लिए भारत ने भी चीनी सैनिकों के लगभग बराबर ही अपने सैनिकों की संख्या भी बढ़ा दी है।

गौरतलब है कि 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। जिसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे। वही भारत और नेपाल के बीच लिपुलेख को लेकर विवाद तब शुरू हुआ। जब भारत ने 8 मई को लिपुलेख से गुजरने वाले कैलाश मानसरोवर रोडलिंक का उद्घाटन किया था। नेपाल ने इसके बाद कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को शामिल करते हुए नया नक्शा जारी कर दिया था। दरअसल लिपुलेख वह जगह है, जो भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं को मिलाता है।

नेपाल ने यह नक्शा जारी करने के बाद भारत को आक्रामक रुख दिखाया। जिसकी वजह से दोनों देशों के बीच विवाद और बढ़ चुका है। इसी बीच अब चीन ने भी लिपुलेख में चीनी सेना तैनात कर भारत की मुश्किलें और भी बढ़ाने का काम कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत चीन के इस कदम का किस तरह से जवाब देगा।

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