योगी आदित्यनाथ के शासन वाले उत्तर प्रदेश से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां अलीगढ़ के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती युवती के साथ वहीं पर तैनात एक डॉक्टर ने दुष्कर्म की कोशिश की।

पुलिस ने युवती के बयान के आधार पर आरोपी डॉक्टर के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (2) के तहत बलात्कार का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि पीड़िता एक निजी कंपनी में काम करती है और कोरोना पॉजिटिव होने के बाद 19 जुलाई को अस्पताल में भर्ती हुई थी। यहां उसे क्वारांटाइन वार्ड में रखा गया था।

जानकारी के मुताबिक़, मंगलवार रात कोविड-19 वार्ड एल-2 में तैनात आरोपी डॉक्टर क्वारंटाइन वार्ड में पहुंच गया। आरोप है कि डॉक्टर ने बेड नंबर 16 पर भर्ती युवती के साथ जांच के नाम पर दुष्कर्म की कोशिश की। पीड़िता ने बताया कि डॉक्टर ने दो बार उसे गलत तरीके से हाथ लगाया और उसके प्राइवेट पार्ट को टच किया।

पीड़िता ने डॉक्टर की करतूत के बारे में अपने पिता को बताया, जिसके बाद फिर उसके घरवालों ने थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद अस्पताल और ज़िला प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारियों को मामले की जांच के लिए तुरंत अस्पताल भेज दिया गया।

डीडीयू अस्पताल पहुंचे अधिकारियों ने सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज चेक किए। करीब दो घंटे तक अधिकारी फुटेज देखते रहे। जिसमें युवती के साथ गलत हरकत करते हुए आरोपी डॉक्टर नजर आया। इसके बाद एसीएम द्वितीय ने फुटेज डीएम को भेजा। डीएम ने फुटेज देखकर डॉक्टर को गिरफ्तार करने के आदेश दिए।

फिलहाल आरोपी डॉक्टर को गिरफ़्तार कर लिया गया है। आरोपी को गुरुवार को अदालत में पेश कर जेल भेजा जाएगा। घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को भले ही गिरफ्तार कर लिया गया हो, लेकिन जिस तरह से अस्पताल के अंदर उसने रेप की कोशिश की, इससे सरकार और प्रशासन की मुस्तैदी पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

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