हाथरस गैंगरेप मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में डाली गई जनहित याचिका पर सुनवाई होने वाली है। इस याचिका में मांग की गई है कि घटना की पूरी जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के मौजूदा या रिटायर्ड जज की देखरेख में किसी बड़ी एजेंसी से करवाई जाए।

दरअसल हाथरस घटना की जांच के लिए योगी सरकार द्वारा एसआईटी का गठन किया गया है। लेकिन विपक्षी पार्टियों द्वारा योगी सरकार और यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

ऐसे में मांगे भी उठ रही है कि हाथरस मामले के ट्रायल को यूपी से दिल्ली ट्रांसफर किया जाए।

इसी बीच खबर सामने आ रही है कि हाथरस के जिला जज अपनी सीजीएम के साथ हाथरस पीड़िता के परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे हैं। उन्होंने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिजनों से बातचीत की है।

इस मामले पर भारत समाचार के एडिटर इन चीफ बृजेश मिश्रा ने ट्विटर पर जानकारी साझा की है। उन्होंने ट्वीट कर हाथरस पीड़िता को इंसाफ मिलने की उम्मीद जताई है।

अपने इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि “गुड़िया को इंसाफ मिलकर रहेगा। हाथरस के जिला जज अपने CJM के साथ गुड़िया के घर पहुंचे है। ऐसे उदाहरण बहुत कम है जहां जज साहब स्वयं पीड़िता के घर पहुंचे। हाईकोर्ट मे 12 अक्टूबर को सुनवाई है जिला जज हाईकोर्ट को रिपोर्ट भेजेंगे। हाईकोर्ट का रुख बहुत सख्त है. उम्मीद है कि ऐतिहासिक होगा।”

गौरतलब है कि देश में ऐसी कई जगह घटनाएं पहले भी कर चुकी है। लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ है कि खुद जज ने पीड़ित के घर जा कर उनसे मुलाकात की हो।

दरअसल इस मामले में कई ऐसे एंगल भी हैं। आरोपियों के उच्च जाति से संबधित होने के कारण पीड़ित परिवार पर दबाब बना हुआ है। उन्हें डराया और धमकाया जा रहा है।

हालांकि विपक्षी पार्टियों के नेताओं द्वारा पीड़ित परिवार को समर्थन दिए जाने से स्थिति में कुछ बदलाव आया है।

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