Pratapgarh
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कोरोना महामारी के चलते करीब 68 दिन लॉकडाऊन ( Lockdown ) रहे उत्तर प्रदेश के आंशिक अनलॉक Unlock होते ही अपराध से थरथरा गया है।

पश्चिमी उत्तरप्रदेश में बैंक की कैश वैन को लूट लिया गया तो सूबे के प्रतापगढ़ में 25 साल के अंबिका प्रसाद पटेल को पेड़ से बांधकर जिंदा जला दिया गया।

लॉकडाऊन के ढील मिलते ही प्रदेश में अपराधियों ने कोहराम मचा दिया है। एकतरफ कोरोना महामारी से पूरा देश लड़ रहा है। दूसरी तरफ प्रदेश में अपराधियों के हौंसले बुलंद है।

दरअसल प्रतापगढ़ के फतनपुर थाना क्षेत्र में अपराधी पहले अंबिका पटेल को अगवा करते हैं फिर पेड़ से बांधकर जला देते हैं।

युवक की मौत के बाद इलाके में तनाव है। पुलिस और सरकार के रवैये पर सवाल उठ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर पिछड़ों और दलितों की हो रही मौतों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

क्या उत्तर प्रदेश में पिछड़ों और दलितोंं को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसा हाल की कई वारदातों को लेकर कहा जा रहा है। इसी जिले में पिछले हफ्ते जातिवादी दबंगों ने पटेल समाज के किसानों की बस्तियां जला दी थी। इसके साथ ही कुंडा क्षेत्र में जातिवादी दबंगों ने एक शख्स की हत्या कर दी थी।

एकतरफ दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका में एक अश्वेत व्यक्ति की मौत पर हंगामा मचा हुआ है। वहां हरतरफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं

दूसरी तरफ दलितों-पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर होने वाली ऐसी वारदातों पर यहां की सरकारें खामोश हैं।

प्रतापगढ़ में हुई अंबिका पटेल की मौत के बाद सवाल उठ रहे हैं कि कैसे लॉकडाऊन में अपराधियों ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया।

उत्तरप्रदेश में दिन व दिन बढ़ता क्राइम चिंता का सबब बना हुआ है। हरतरफ हत्या, लूट, डकैती पर सवाल उठ रहे हैं। लॉकडाऊन में ढील देकर आंशिक रूप से अनलॉक हुए एक दिन नहीं बीता अपराधियों के हौंसले बुलंद हो गए।

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