योगी आदित्यनाथ के शासन वाले उत्तर प्रदेश में महिलाओं के साथ आपराधिक वारदातें थमने का नाम नहीं ले रहीं। आए दिन राज्य से महिलाओं की हत्या और रेप की घटनाएं सुर्ख़ियां बटोर रही हैं।

ताज़ा मामला बदायूं से सामने आया है। यहां मंदिर में पूजा के लिए गई महिला की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई।

जानकारी के मुतबिक़, पेशे से आंगनवाड़ी कर्मचारी 50 वर्षीय महिला पूजा करने के लिए मंदिर गई थी। यहां महिला के साथ हैवानियत की हर हद पार कर दी गई।

मंदिर के महंत समेत तीन लोगों ने कथित तौर पर न सिर्फ उसके साथ गैंगरेप किया बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड डालकर उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।

हैवानियत का सिलसिला यहीं नहीं रुका। महिला के हाथ-पैर तोड़ दिए गए और उसकी पस्लियां भी तोड़ दी गईं। इतना ही नहीं महिला की लाश के साथ भी दरिंदगी की गई।

महिला की लाथ फेंकने से पहले उसके प्राइवेट पार्ट में कपड़ा ठूंस दिया गया। यहां महिला के साथ जो दरिंदगी की गई उसने पूरे देश के रोंगटे खड़े कर दिया।

विपक्षी दल के नेता तो इस घटना की तुलना दिल्ली के निर्भया कांड से करने लगे। विपक्षी दल के नेता इस घटना को लेकर सूबे की योगी सरकार पर जमकर बरस रहे हैं।

वहीं कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस घटना को लेकर मीडिया पर निशाना साधा है। उन्होंने घटना पर मीडिया की ख़ामोशी पर सवाल खड़े करते हुए ट्वीट कर लिखा,

“बदायूँ जैसा बीभत्स कांड अगर महाराष्ट्र में हुआ होता, तो सारे गिद्ध मिलकर उद्धव ठाकरे की बोटी बोटी नोच लेते, लेकिन अब सब शाकाहारी बन गये”।

बता दें कि इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि एक मुख्य आरोपी मंदिर का महंत अभी भी फरार चल रहा है। वहीं मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में उघैती के थाना प्रभारी राघवेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया है।

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