
7 को मतदान पूरा हुआ और रिज़ल्ट 11 को। क्यों भाई? EVM मशीनों की पाँच दिन सिंकाई होनी है क्या। वो भी क्या दौर था जब पाँच दिन में पूरे देश में लोकसभा चुनाव हो जाते थे
आज से 20 साल पहले तक पाँच से सात दिन में पूरे देश में लोकसभा चुनाव हो जाते थे। अब पाँच राज्यों के चुनाव एक एक महीने में पूरे नहीं होते। चुनाव बस चलते ही रहते हैं। और ये हमें समझा रहे हैं कि EVM से चुनाव का काम तेज़ हो गया है। मूर्ख बना रहे हैं मुल्क को।
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EVM से चुनाव का समय नहीं बचता
इसका सबसे बड़ा उदाहरण पांच राज्यों के मौजूदा विधानसभा चुनाव हैं। इन चुनावों की घोषणा से लेकर चुनाव नतीजों के बीच 30 दिन का समय लग रहा है,
जबकि 1984 का लोकसभा चुनाव पेपर बैलेट पर हुआ और पूरे देश का चुनाव 24 दिसंबर से 27 दिसंबर के बीच चार दिन में निबट गए और देश में नई सरकार बन गई।
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1989 का लोकसभा चुनाव भी बैलेट पेपर से हुए और मतदान 22 से 26 नवंबर के बीच पांच दिन में हो गए। वह भी तब जबकि सड़कें पहले ज्यादा खराब थीं और कई इलाकों में जहां अब सड़कें हैं, पहले सड़कें नहीं थीं।
– वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल